Who is Bhai Prashant Srivastava ?
भाई प्रशांत श्रीवास्तव कौन है ?
भाई प्रशांत श्रीवास्तव कौन है ?
भाई प्रशांत श्रीवास्तव या प्रशांत श्रीवास्तव जिन्हे लोग प्यार और सम्मान से भाई प्रशांत श्रीवास्तव कहते है का जन्म भारत की आध्यात्मिक राजधानी काशी (वाराणसी) में एक अत्यंत शिक्षित और सम्मानित परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव एक प्रतिष्ठित डॉक्टर और सरकारी अधिकारी थे, जबकि माता श्रीमती पुष्पा श्रीवास्तव अत्यंत आध्यात्मिक, ज्ञानवान और संस्कारी गृहिणी थीं। परिवार में धार्मिकता थी, परंतु ज्योतिष का कोई माहौल नहीं था।
फिर भी, जब प्रशांत लगभग 11 वर्ष के थे, तब उनके परिवार को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि वे लोगों के बारे में अत्यंत सटीक भविष्यवाणियाँ करने लगे हैं। वे न केवल भविष्य बताते, बल्कि गूढ़ आध्यात्मिक विषयों पर गंभीर चर्चा करते थे। उनकी यह क्षमता इतनी अद्भुत थी कि 15 वर्ष की आयु तक वे अपने परिवार और समाज में एक सत्य बाल ज्योतिषी के रूप में प्रसिद्ध हो गए।
माँ श्रीमती पुष्पा श्रीवास्तव को यह सब कुछ असामान्य लगा तो उन्होंने उनके जन्म के समय काशी के श्रेष्ठ ज्योतिषाचार्यों द्वारा बनाई गई जन्मपत्रिका स्थानीय विद्वानों को दिखायी। सभी इस कुंडली को देखकर आश्चर्यचकित हुए — कुंडली में स्पष्ट लिखा था कि यह बालक अत्यंत धार्मिक, ज्ञानी, आध्यात्मिक होगा, और किसी नव धर्म या साधना पद्धति का प्रवर्तक बनेगा। 17 वर्ष की आयु तक उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ चुकी थी कि कई लोग उनसे सलाह लेने आने लगे।
परिवार ने उन्हें इस दिशा से हटाने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भेजा, परंतु वहाँ भी उनकी आध्यात्मिक चेतना और ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि लगातार प्रकट होती रही। उनके मामा इंजीनियर ललित मोहन श्रीवास्तव ने बचपन से ही उनसे अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के बारे में सलाह लेना शुरू कर दिया, और स्नेहपूर्वक उन्हें "बंटी गुरु" कहना शुरू किया।
बचपन में उन्होंने अपने एक प्रिय पड़ोसी (चाचा) की मृत्यु के बारे में जो भविष्यवाणी की थी, वह सटीक रूप से सच निकली। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया, और प्रशांत जी स्वयं भी इस अनुभव से गहराई से प्रभावित हुए और कुछ समय के लिए ज्योतिष से दूरी बना ली।
कुछ वर्षों बाद, माता जी ने उन्हें समझाया: "संभव है कि तुम पिछले जन्मों से ही एक आध्यात्मिक साधक और ज्योतिषी रहे हो। हर जन्म में तुमने किसी न किसी कारण से यह साधना अधूरी छोड़ दी हो। यही कारण है कि इस जन्म में भी तुम्हें वही कार्य पुनः सौंपा गया है।" माँ की इन बातों ने प्रशांत जी के हृदय में गहरा परिवर्तन किया, और उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि अब चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, वे अध्यात्म, ज्योतिष और साधना को कभी नहीं छोड़ेंगे।
प्रशांत श्रीवास्तव जी की माँ और उनके जानने वालों के अनुसार, बचपन से जो भी प्रेम से उनके पास आया और उन्होंने जिसे अपनाया, उसका जीवन निश्चित रूप से आश्चर्यजनक रूप से रूपांतरित हुआ। इसलिए उनकी माँ, भाई, बहन, परिवारजन और मित्र उन्हें पारस पत्थर कहते थे और आज भी कहते हैं। आज भी प्रशांत जी इन बातों को हँसकर टाल देते हैं — इनका उद्देश्य अब निश्चित है: कुछ भी हो, अध्यात्म को नहीं छोड़ना।
वर्षों के अध्ययन, ध्यान और अनुभव के बाद उन्होंने एक अनूठी साधना पद्धति विकसित की — 🧘♂️ "Astro Meditation"। यह ऐसी विधि है जो व्यक्ति के ग्रहों, कर्म और चेतना को एक संतुलन में लाती है। इससे व्यक्ति के भीतर शांति, जागरूकता और दिव्यता का अनुभव होता है। आज हजारों लोग इस साधना से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके बाद इन्होंने स्वयं कहा — "मम्मी की बात शत प्रतिशत सत्य हुई।"
"ज्योतिष भविष्य बताने का नहीं, चेतना जाग्रत करने का विज्ञान है।"
"ध्यान केवल मन की क्रिया नहीं, यह ग्रहों की चिकित्सा है। जो व्यक्ति ध्यान करता है, वह अपने ग्रहों को बदल नहीं सकता, लेकिन उनके प्रभाव को समझकर उनसे मित्रता ज़रूर कर सकता है।"
📺 YouTube चैनल: Sri Prashant Astrology
📞 सेवाएँ: व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श, ग्रह ध्यान साधना द्वारा मार्गदर्शन, विशेष वर्कशॉप — "Transform Your Life with Astro Meditation"
Before Contacting Prashant Srivastava or Any Other Astrologer Try to Know His Work As Astrologer.
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