Prashant Srivastava

Astrology | Meditation | Career Guidance

सावन में नॉनवेज या मछली क्यों नहीं खाना चाहिए ?

 सावन में नॉनवेज या मछली क्यों नहीं खाना चाहिए ? 


Sawan me Nonveg ya Machali kyu nahi khana chahiye? 

 सावन का मौसम और नॉनवेज से परहेज ये हमारी एक परम्परा है जिसको धर्म से भी जोड़ कर देखा जाता है| सावन में शिव जी की पूजा होती है पूरे सावन धार्मिक आयोजन होते हैं। इस मौसम में भगवान शिव की पूजा के कारण मांसाहार का सेवन वर्जित है लोगो का ऐसा मानना है जबकि सच यह नही है। इसमें पूरी तौर पर विज्ञान है इसलिए सावन महीने में मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस महीने सामान्य रूप से बारिश होती ही रहती है। सावन के महीने में मौसम के कारण वातावरण में फंगस, फफूंदी और फंगल इंफेक्शन बढ़ने लगते हैं। खाने-पीने का सामान जल्दी खराब होने लगता है, क्योंकि सूर्य चंद्रमा की रोशनी की अक्सर कमी हो जाती है,जिसकी वजह से खाद्य पदार्थ जल्द संक्रमित हो जाते हैं।

सावन महीने में हमारा स्वास्थ्य

हमारा स्वास्थ्य सावन के महीने में लगातार बारिश होने से या बार बार गर्मी, आर्द्रता और नमी बढ़ने या घटने से पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है क्योंकि पाचन अग्नि कमजोर पड़ जाती है जाती है । नॉनवेज या मांसाहार पदार्थों को पचने में ज्यादा समय लगता है। जबकि हमारी पाचन शक्ति कमजोर होने से नॉन-वेज फूड आंतों में सड़ने लगता है इस वजह से अपच और अन्य अपच संबंधी रोगों का खतरा सावन के महीने में बढ़ जाता है। पेट संबंधी रोग से सावन के महीने में बचे इसी को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक आधार पर प्रत्येक सोमवार को सावन का व्रत भी रखने की परंपरा प्रारंभ हुई। सावन के सोमवार को व्रत रखना जहां स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त है वही आध्यात्मिक रूप से भी विशेष फल देने वाला है। अब जब हमारा स्वास्थ्य खराब हो सकता है सावन के महीने में तो जानवर भी बीमार हो जाते है क्योंकि मौसम की उलटफेर और वातावरण में कीड़े, मकोड़ो की बढ़ी संख्या कई बीमारियां भी लाती है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया आदि। बीमार जानवर का मांस न खाया जाए जिससे की जीवन पर ही खतरा हो जाए इसलिए सावन में मांसाहार वर्जित किय गया है। 

सावन के महीने में सिर्फ मांसाहार ही नही कोई भी देर से पचने वाला या गरिष्ठ भोजन नही करना चाहिए । 

सावन के महीने में मछली अंडे देती है

सावन के महीने में मछली अंडे देती है इसलिए उसका सेवन नुकसान दायक है और मछलियों की आबादी पर भी एक खतरा बन सकता है वही अन्य पशु भी अपने प्रजनन काल या गर्भ धारण की अवस्था में होते है जिसकी वजह से उनका हार्मोनल असुंतलन भी होता है, जो बीमार कर सकता है । 

अतः सावन मास में मांसाहार का सेवन जहां तक हो सके टालना ही चाहिए  । 

सावन के महीने में कोई भी सुपाच्य भोजन ही करे । 

What Our Clients Say

"Sri Prashant ji ki guidance se mujhe apne career mein bahut sahi disha mili. Unki predictions bilkul sateek hain."

- Apoorv

प्रशांत जी के अनुसार सबसे बड़ी बात व्यक्ति की आकांक्षा या उसकी चाह या इच्छा जान कर ही उसको ध्यान सिखाया जा सकता है। जैसे आप मुझे मानसिक शांति ध्यान के माध्यम से देना चाहते है और मेरा मन अकूत धन या काम में रमा हुआ है तो मै कभी शांति पा ही नहीं सकता बल्कि होगा यह की मै ध्यान से भागने लगूंगा। और अंत में ध्यान छोड़कर भाग ही लूंगा। अगर किसी की आकांक्षा धन पाने की है तो उसे समझना होगा, इसी तरह आपकी इच्छा भोग, पद, रिश्तो, परिवार, यश ,अध्यात्म या मोक्ष तक ही क्यों न हो पता होनी चाहिए।

प्रशांत श्रीवास्तव के अनुसार ज्योतिष कहता है की प्रत्येक व्यक्ति अनूठा unique होता है। प्रत्येक व्यक्ति के जन्म के समय की ग्रह स्तिथि ही उसका स्वभाव, व्यक्तित्व और आदते आदि निर्धारित करता है। जैसे एक ही माता पिता की दो सन्तानो का स्वाभाव एकदम विपरीत हो सकता है। इसे और आसानी से समझे की एक ही क्लास में एक शांत चित्त व्यक्ति , एक व्यवसायी, एक शिक्षक , एक अपराधी , एक सगीतकार, एक गायक, एक सिपाही इसी तरह अन्य प्रकृत के लोग एक साथ ध्यान करे या कुछ भी सीखे तो क्या होगा ? प्रशांत श्रीवास्तव जी के अनुसार इनमे कोई भी कुछ भी न सिख पायेगा और यही आज तक ध्यान के सन्दर्भ में होता आया। जैसे एक पुराणी कहानी के अनुसार जंगल में स्कूल खोला गया और उसमे सभी विषय शामिल किये गए लेकिन मछली पेड़ पर चढ़ना कभी सिख न पायी लेकिन तैरने में वो हमेशा फर्स्ट आती रही। यही हम सब के साथ हो रहा है बिना प्रकृति जाने ही सबको एक ही पाठ पढ़ाया जा रहा है लेकिन आज तक कोई सिख न सका।

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Prashant Srivastava – Astrologer & Spiritual Guide

Prashant Srivastava – Astrologer & Spiritual Guide
Prashant Srivastava is a well-known astrologer, spiritual guide, and meditation teacher who combines Vedic Astrology (Jyotish) with Dhyan (Meditation) to help people achieve clarity, peace, and spiritual growth. Born in Kashi (Varanasi), he began making accurate astrological predictions at the young age of 11. Although he studied Mechanical Engineering (B.E.), his deep inclination toward spirituality led him to dedicate his life to astrology and meditation. Prashant Srivastava is known not only for predictions but also for his unique astrological remedies and spiritual guidance, which have benefited thousands of people. His most unique contribution is Astrology-Based Meditation (Jyotish-Adharit Dhyan), a method that connects planetary energies with meditation practices. According to him, aligning meditation with planetary movements can help reduce stress, overcome karmic challenges, and enhance inner awareness. Through consultations, workshops, and online guidance, he continues to help people transform their lives. He often says: “Astrology shows the

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